ग्लोबल फेस्टिवल ऑफ जर्नलिज्म का दूसरा दिन रहा शानदार, वरिष्ठ पत्रकार सईद अंसारी रहे मौजूद

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मारवाह स्टूडियो में 12-14 फरवरी तक चलने वाले तीन दिवसीय 7 वें ग्लोबल फेस्टिवल ऑफ जर्नलिज्म का दूसरा दिन मीडिया जगत के छात्रों के लिए बड़ा ही प्रेरणादायक रहा क्योंकि इसमें पत्रकारिता के क्षेत्र से जुड़े हुए नामचीन हस्तियों ने शिरकत करते हुए अपने विचारों को रखा और छात्रों को प्रेरित भी किया।

दीप प्रज्वलन के साथ इस कार्यक्रम की शुरुवात हुई जिसमे वरिष्ठ पत्रकार सईद अंसारी, सीनियर रेडियो कॉमेंटेटर कुलविंदर सिंह कांग, रिचर्ड ए वेरना एम चार्ज ‘डी’ अफेयर्स एंबेसी ऑफ पनामा, मिशेल एरोन हाई कमीशन ऑफ घाना, के.एल. गंजू काउंसलेट जनरल ऑफ कोमरोस, सुनील डांग, पॉल सोंग, ऑनेल उका, सहित कई गणमान्य महानुभाव उपस्थित रहे यह कार्यक्रम पत्रकारिता के वर्तमान स्वरूप पर मंथन के लिए आयोजित किया गया था और पत्रकारिता के क्षेत्र में अपने कैरियर को एक नया आयाम देने वाले छात्रों के लिए यह एक ऐसा मंच था जिसमें वह अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन कर अपने आप को परिष्कृत कर सकेंगे।

प्रसिद्ध रेडियो कॉमेंटेटर कुलविंदर सिंह ने कहा कि आज वर्ल्ड रेडियो दिवस के मौके पर बच्चों को संबोधन करने का अवसर प्राप्त हुआ है यह बड़े ही सौभाग्य की बात है। पत्रकारिता के क्षेत्र में विश्वसनीयता को बनाए रखना एक बड़ी चुनौती है और समाज के प्रत्येक पहलू पर नजर बना कर रखना एक पत्रकार की नैतिक जिम्मेदारी है। सैयद अंसारी ने कहा कि पत्रकारिता में आने के लिए पढ़ना बहुत जरूरी है। क्योंकि यहां हर पल कुछ नया होता है, उन्होंने पत्रकारिता के बच्चों को सफलता के मंत्र भी बताया।

ICMEI के प्रेसिडेंट संदीप मारवाह ने कहा कि मारवाह स्टूडियो भारत का एक ऐसा संस्थान है जहां पर जर्नलिज्म के लिए फेस्टिवल का आयोजन किया जाता है यह दुनिया का दूसरा और भारत का पहला ऐसा संस्थान बनने का कीर्तिमान हासिल कर मारवाह स्टूडियो पत्रकारिता के क्षेत्र में एक बड़ा मुकाम हासिल कर चुका है। संदीप मारवाह एशियन एकेडमी ऑफ फिल्म एंड टेलीविजन में नए कोर्स की शुरुआत के बारे में भी चर्चा की AAFT निरंतर नए-नए कोर्स की शुरुआत करके युवाओं को अपने कैरियर को नई उड़ान देने का सुनहरा अवसर दे रहा है। ग्लोबल फेस्टिवल ऑफ जर्नलिज्म के दूसरे दिन अंतरराष्ट्रीय रेडियो दिवस का पोस्टर भी लांच किया गया और बताया गया कि रेडियो संवाद का सबसे पहला माध्यम बना। आज भी इसकी उपयोगिता को कम नहीं आंका जा सकता।

रेडियो के बारे में कहा जाता है कि सूरज के बाद सबसे ज्यादा रेडियो तरंगे हैं जो पूरी दुनिया को कवर करती हैं। रेडियो में किसी भी आपदा के समय या विषम परिस्थितियों में सूचना को सुचारू रूप से संचालित करने की अद्भुत क्षमता है। इस कार्यक्रम में डिजिटलाईजेशन बढ़ते दौर को ध्यान में रखकर बच्चों द्वारा बनाए गए डिजिटल न्यूज़ पेपर एक्जीबिशन भी लगाया गया ।

कार्यक्रम में शामिल हुए सभी गणमान्य महानुभावों ने अपने अपने विचारों से लोगों को प्रभावित किया और साथ ही साथ पत्रकारिता की विसंगतियों एवं उसकी उपयोगिता पर व्याख्यान देते हुए कहा कि हमें सकारात्मक चीजों को दिखा कर आगे बढ़ना चाहिए ताकि समाज पर अच्छा प्रभाव पड़े और समाज विकासात्मक गति की दिशा में आगे बढ़ सके।

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