पोक्सो एक्ट नहीं लगाने पर SC ने बिहार सरकार को लताड़ा

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मुजफ्फरपुर: शेल्‍टर होम में यौन शोषण के मामले में सुनवाई के दौरान सुप्रीम कोर्ट ने बिहार सरकार को जमकर लताड़ा। कोर्ट ने माना कि मुजफ्फरपुर शेल्टर होम मामले में नीतीश सरकार का रवैया बेहद दुर्भाग्यपूर्ण रहा।

सुप्रीम कोर्ट ने अदालत में मौजूद मुख्‍य सचिव से तीखे सवाल किये। सबसे अहम ये कि आरोपी के खिलाफ आईपीसी की धारा 377 और पोक्सो एक्ट के तहत मामला क्यों दर्ज नहीं किया गया। सुप्रीम कोर्ट इस मामले में बुधवार को भी सुनवाई करेगी।

SC पहले भी लगा चुकी है बिहार सरकार को फटकार

इससे पहले मुजफ्फरपुर शेल्टर होम रेप कांड में फरार चल रही बिहार सरकार की पूर्व मंत्री मंजू वर्मा ने कोर्ट में सरेंडर कर दिया। मंजू वर्मा की गिरफ्तारी को लेकर सुप्रीम कोर्ट ने पहले बिहार सरकार को फटकार लगाई थी। जिसके बाद पुलिस हरकत में आई तो मंजू वर्मा ने सरेंडर कर दिया।

मुख्य आरोपी बृजेश ठाकुर की करीबी मधु ने भी सीबीआई के सामने सरेंडर कर दिया है। मधु ने खुद को बेगुनाह बताते हुए शेल्टर होम के भीतर आने जाने से इनकार किया। साथ ही कहा कि वो सीबीआई को जांच में पूरा सहयोग करेगी।

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कई रसूखदारों से जुड़ सकते हैं तार

मामला समाज कल्याण विभाग द्वारा अनुमोदित बालिका गृह में बच्चियों के यौन शोषण से जुड़ा है। यहा रह रही दर्जनों बच्चियों के साथ शेल्टर होम संचालकों व अन्य ने रेप किया। पुलिस की शुरुआती जानकारी से इस बात का शक जाहिर हुआ की मुजफ्फरपुर बालिका गृह से बच्चियों की सप्लाय भी होती थी। ब्रजेश ठाकुर समाज सेवा के नाम पर बकायदा सेक्स रैक्ट चलाता था। वो शेल्टर होम में रह रही लड़कियों का इस्तेमाल सरकारी फंड और ऑर्डर पाने के लिए अफसरों और नेताओं को खुश करने में भी करता था, इस तरह के आरोप लगाए जा रहे हैं।

जांच से ये भी पता चला कि मुख्य आरोपी बृजेश ठाकुर ने अपनी पहुंच और अधिकारियों, बैंकरों के साथ मिलीभगत कर करोड़ों की अवैध कमाई की। फिलहाल बृजेश ठाकुर जेल में है और इस मामले पर सुनवाई चल रही है।

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